Cyber Fraud Delhi Honey Trap: साउथ-वेस्ट साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
राजधानी दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले में साइबर पुलिस ने हनी ट्रैप और ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक महिला पीड़िता की शिकायत के बाद की गई, जिन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए करीब 7 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था।
पीड़िता के अनुसार, सोशल मीडिया पर “Vaibhav Arora” नाम की एक फर्जी प्रोफाइल के जरिए उनसे संपर्क किया गया। शुरुआत में आरोपी ने सामान्य बातचीत कर उनका विश्वास जीता और धीरे-धीरे रिश्ते को गहरा बनाते हुए उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे पैसे ऐंठे गए और कुल मिलाकर लगभग 7 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साउथ-वेस्ट जिले की साइबर पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व महिला सब-इंस्पेक्टर प्रिया के अधीन किया गया, जबकि पूरे ऑपरेशन की निगरानी साइबर थाना एसएचओ द्वारा की गई। जांच के दौरान पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया, जिसमें IPDR एनालिसिस और डिजिटल फॉरेंसिक जांच प्रमुख रूप से शामिल रही।
तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल के 24 परगना इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी एक पेशेवर साइबर अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खास तौर पर महिलाओं को निशाना बनाता था। वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती करता, फिर शादी, मॉडलिंग या प्रोफेशनल अवसरों का लालच देकर भरोसा जीतता और अंत में ठगी को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अब तक 500 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाकर करीब 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई अहम सामान भी बरामद किए गए हैं, जिनमें 4 स्मार्टफोन, 8 सिम कार्ड, 3 डेबिट कार्ड, 4 सोने के कंगन और 5 सोने की चेन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी सामान ठगी की रकम से खरीदे गए थे।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क, अन्य साथियों और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं और साइबर अपराध के इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



