Drone Weapon Smuggling Busted: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा ऑपरेशन, पाकिस्तान से आई हथियारों की खेप बरामद
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजी गई अत्याधुनिक हथियारों की बड़ी खेप को बरामद कर एक गंभीर साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सक्रिय था और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर भारत में हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। इन हथियारों का उद्देश्य देश में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और दहशत फैलाना था। पुलिस ने बताया कि यह ऑपरेशन लंबे समय से मिल रही खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 23 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं, जिनमें जिगाना, ग्लॉक और PX जैसी हाईटेक पिस्टल शामिल हैं। ये हथियार अपनी आधुनिक तकनीक और मारक क्षमता के कारण पेशेवर अपराधियों और आतंकी संगठनों के बीच काफी उपयोग किए जाते हैं। इतनी बड़ी संख्या में हथियारों की बरामदगी को बेहद गंभीर सुरक्षा खतरा माना जा रहा है।
इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि कई आरोपी सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे और भारत में हथियार सप्लाई नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस अब मिले सुरागों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह हथियार देश के कुख्यात गैंगस्टरों और आपराधिक गिरोहों को सप्लाई किए जाने थे, ताकि देश में अपराध और हिंसा को बढ़ावा दिया जा सके। यदि यह खेप अपने लक्ष्य तक पहुंच जाती तो कई बड़ी आपराधिक घटनाएं हो सकती थीं, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने एक बड़े खतरे को टाल दिया।
जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है कि बिहार के मुंगेर में भी अवैध देसी हथियारों का निर्माण किया जा रहा था, जिसे इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इससे साफ है कि यह साजिश केवल सीमा पार तक सीमित नहीं थी, बल्कि देश के भीतर भी इसका मजबूत सपोर्ट सिस्टम सक्रिय था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके सभी लिंक, फंडिंग और ऑपरेशन मॉड्यूल का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और भविष्य में ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।



