Friday, July 24, 2026

Creating liberating content

Heart Saver Campaign: मायरा...

Heart Saver Campaign: मायरा भंडारी ने गुरुग्राम में शुरू किया 'हृदय रक्षक अभियान',...

माँ बगलामुखी शक्तिपीठ, जौंती...

माँ बगलामुखी शक्तिपीठ, जौंती में देवसर माता धाम का भव्य भूमि पूजन संपन्न,...

Delhi SIR: रोहताश नगर...

Delhi SIR: रोहताश नगर विधानसभा में दो दिवसीय SIR सहायता शिविर, लोगों की...

Maa Baglamukhi Shaktipeeth Jaunti:...

  जौंती (दिल्ली), 15 जुलाई। ( Maa Baglamukhi Shaktipeeth Jaunti ) माँ बगलामुखी शक्तिपीठ,...
HomeNationalअपूज्य की पूजा...

अपूज्य की पूजा न करें, केवल पूज्य देवताओं की करें आराधना: शंकराचार्य जी महाराज का संदेश

अपूज्य की पूजा न करें, केवल पूज्य देवताओं की करें आराधना: शंकराचार्य जी महाराज का संदेश

प्रयागराज, 17 जनवरी 2025:
प्रयागराज कुंभक्षेत्र में आयोजित परमधर्म संसद में उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी महाराज ने सनातन धर्म के अनुयायियों को पूज्य और अपूज्य की महत्ता समझाई। माघ कृष्ण तृतीया के शुभ अवसर पर आयोजित इस सभा में शंकराचार्य जी ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार जहाँ अपूज्य की पूजा की जाती है और पूज्य की पूजा में व्यवधान उत्पन्न होता है, वहाँ दुर्भिक्ष, मरण और भय का जन्म होता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में हिंदू समाज में यह समस्या बढ़ रही है। कई स्थानों पर पूज्य देवताओं के मंदिरों में भी अपूज्य की पूजा का प्रचलन हो गया है। इसे रोकने के लिए धर्म संसद में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि सनातन धर्म में केवल सच्चिदानंदघन परब्रह्म, जो पंचदेवों के रूप में प्रकट होते हैं, उनकी पूजा की जानी चाहिए।

सनातन धर्म के उपास्य देवता और उनकी पूजा की विधि
शंकराचार्य जी ने कहा, “वेदों में केवल एक ही उपास्य देवता बताया गया है, वह हैं सच्चिदानंदघन परब्रह्म। पंचदेव—गणेश, सूर्य, विष्णु, शिव, और शक्ति—इस परब्रह्म के ही विभिन्न रूप हैं। इनकी पूजा नवधा भक्ति के रूप में होनी चाहिए, जो श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन से सम्पन्न होती है।”

उन्होंने यह भी बताया कि 33 कोटि देवताओं का अभिप्राय इन्हीं पांच कोटि के देवताओं से है:

  • 12 आदित्य: उत्पत्ति के देवता सूर्य
  • 8 वसु: पोषण के देवता विष्णु
  • 11 रुद्र: संहारक शिव
  • 2 अश्विनी कुमार: निग्रह और अनुग्रहकर्ता देवता

शंकराचार्य जी ने पंचदेव पूजा की विधि बताते हुए कहा कि इष्ट देवता को मध्य में स्थापित कर शेष चार देवताओं को चार दिशाओं में विराजमान कर पंचायतन पूजा करनी चाहिए।

अपूज्य की पूजा से बचें
शंकराचार्य जी ने धर्म संसद के माध्यम से यह भी कहा कि अचेतन और अयोग्य की पूजा किसी भी स्थिति में नहीं की जानी चाहिए। अपूज्य की पूजा से दुर्भिक्ष, भय और अनिष्ट का जन्म होता है। सनातन धर्म में केवल योग्य और पूज्य देवताओं की ही आराधना करने का प्रावधान है।

धर्म संसद में प्रमुख वक्ता और चर्चाएँ
धर्म संसद में साध्वी पूर्णाम्बा जी ने उपास्य देवताओं की स्थापना पर विचार व्यक्त किए। डॉ. गार्गी पंडित जी ने उपास्य देवताओं पर विस्तृत चर्चा की। साध्वी गिरिजा गिरी जी, चंद्रानंद गिरी जी महाराज, जितेंद्र खुराना जी (दिल्ली), फलाहारी बाबा (महाराष्ट्र), और अन्य संत-महात्माओं ने भी अपने विचार रखे।

प्रश्नोत्तर सत्र में राजा सक्षम सिंह योगी, सचिन जानी (अहमदाबाद), चंद्रकांत पाठक (सतना) और अन्य भक्तों ने प्रश्न पूछे। शंकराचार्य जी ने इनका संतोषजनक उत्तर देकर धर्म के गूढ़ विषयों पर प्रकाश डाला।

धर्म संसद का आज का सत्र ब्रह्मचारी केशवानंद जी (छड़ीदार) के देवलोकगमन पर शोक व्यक्त करने के साथ आरंभ हुआ। शंकराचार्य जी ने सभा का समापन करते हुए सनातन धर्म के अनुयायियों को अपनी पूजा पद्धति में शुद्धता और शास्त्रों का पालन करने का आह्वान किया।

Get notified whenever we post something new!

Continue reading

माँ बगलामुखी शक्तिपीठ, जौंती में देवसर माता धाम का भव्य भूमि पूजन संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में रचा गया इतिहास

माँ बगलामुखी शक्तिपीठ, जौंती में देवसर माता धाम का भव्य भूमि पूजन संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में रचा गया इतिहास जौंती (दिल्ली), 19 जुलाई 2026 माँ बगलामुखी शक्तिपीठ, जौंती (दिल्ली) में देवसर माता धाम के भव्य भूमि पूजन समारोह का...

Delhi SIR: रोहताश नगर विधानसभा में दो दिवसीय SIR सहायता शिविर, लोगों की समस्याओं का मौके पर किया गया समाधान

Delhi SIR: रोहताश नगर विधानसभा में दो दिवसीय SIR सहायता शिविर, लोगों की समस्याओं का मौके पर किया गया समाधान रिपोर्ट: आशीष कुमार दिल्ली की रोहताश नगर विधानसभा में मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय स्पेशल इंटेंसिव...

Maa Baglamukhi Shaktipeeth Jaunti: दिल्ली के जौंती में गूंजा ‘जय श्रीराम’, 1000 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

  जौंती (दिल्ली), 15 जुलाई। ( Maa Baglamukhi Shaktipeeth Jaunti ) माँ बगलामुखी शक्तिपीठ, जौंती में बुधवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे शिव मंदिर,...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.