Saturday, April 25, 2026

Creating liberating content

Delhi Crime Branch Action:...

Delhi Crime Branch Action: जहांगीर पुरी मर्डर केस में फरार तीन आरोपी गिरफ्तार,...

LPG Black Marketing Delhi:...

LPG Black Marketing Delhi: मंगोलपुरी और जहांगीरपुरी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का...

Women Reservation: महिला आरक्षण...

Women Reservation: महिला आरक्षण पर दक्षिण दिल्ली सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी का विपक्ष...

Pitt Siyapa Press Conference:...

Pitt Siyapa Press Conference: नई दिल्ली में फिल्म का अनोखा कॉन्सेप्ट छाया रिपोर्ट हेमंत...
HomeBreakingHistory of Lebanon...

History of Lebanon : मिडिल ईस्ट के ‘स्विज़रलैंड’ से आतंक का हब बनने की कहानी

History of Lebanon : मिडिल ईस्ट के कई देश (Countries of Middle East) इस समय युद्ध की आग में झुलस रहे हैं। सबका एक साझा दुश्मन इज़रायल (Israel) है, जिसके खिलाफ कई देश लामबंद हैं, बावजूद इसके इज़रायल सभी देशों को लगातार मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। इस समय सबसे अधिक तबाही लेबनान (Lebanon) में मची हुई है, जहां इज़रायली सैनिक (Army of Israel) लगातार बमबारी कर रहे हैं और शहर दर शहर को मलबों के ढेर में तब्दील कर रहे हैं। इज़रायल की ये जंग आतंकी संगठन हिजबुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ है, जिसकी जद में लेबनान के आम नागरिक भी आ रहे हैं और लोगों का पलायन लगातार जारी है।

History of Lebanon : समृद्ध देश हुआ करता था लेबनान

आज जिस लेबनान को आतंक का हब (Hub of Terrorism) कहा जाता है, वो लेबनान कभी एक समृद्ध देश हुआ करता था। समृद्धि ऐसी कि उस समय इसे मिडिल ईस्ट का ‘स्विज़रलैंड’ कहा जाता था। लेबनान की राजधानी बेरूत (beirut) कभी दुनिया के सबसे अमीर सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र था, जहां आजकल सन्नाटा पसरा हुआ है। बेरूत में जहां हमेशा जश्न होता है वहां आजकल लोगों के जान के लाले पड़े हुए हैं। लेकिन एक समृद्ध देश किस तरह एक युद्धग्रस्त क्षेत्र में तब्दील हो गया ? आईये जानते हैं लेबनान के मिडिल ईस्ट के ‘स्विज़रलैंड’ से आतंक का हब बनने की कहानी।

ऐतिहासिक और राजनीतिक कारकों की वजह से अशांत हुआ लेबनान

लेबनान एक युद्धग्रस्त क्षेत्र बन गया क्योंकि कई ऐतिहासिक और राजनीतिक कारकों ने इसमें योगदान दिया। लेबनान की धार्मिक विविधता ने इसकी शुरुआत में ही समस्याएं पैदा कर दी थीं। देश की जनसंख्या में ईसाई, सुन्नी मुसलमान, शिया मुसलमान, और द्रूज जैसे समुदाय शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अलग राजनीतिक और सामाजिक आकांक्षाएं थी।

फ्रांसीसी मंडेट के दौरान, लेबनान की सरकार में ईसाई समुदाय का वर्चस्व था, जिससे मुसलमानों में असंतोष फैल गया। इसके अलावा, फिलिस्तीनी शरणार्थियों की आमद ने देश की जनसांख्यिकी को बदल दिया और मुसलमानों की संख्या में वृद्धि हुई। इससे ईसाई समुदाय की राजनीतिक शक्ति खतरे में पड़ गई।

शीत युद्ध के दौरान, लेबनान में विभिन्न राजनीतिक दलों और मिलिशिया समूहों ने विभिन्न विदेशी शक्तियों का समर्थन प्राप्त किया, जिससे देश में और अधिक विभाजन हुआ। इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष ने भी लेबनान की स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया। इन सभी कारकों ने मिलकर लेबनान को एक युद्धग्रस्त क्षेत्र में बदल दिया, जहां विभिन्न समुदायों और राजनीतिक दलों के बीच संघर्ष बढ़ता गया।

हिज़बुल्लाह के उदय से शुरू हुआ लेबनान का पतन

हिजबुल्लाह के उदय ने लेबनान के लिए कई चुनौतियाँ पेश की हैं। सबसे पहले, हिजबुल्लाह की स्थापना 1982 में लेबनान के गृहयुद्ध के दौरान हुई थी, जिसका उद्देश्य इज़राइल के आक्रमण का विरोध करना था। इस समूह ने अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए आतंकवादी गतिविधियों का सहारा लिया, जिससे लेबनान में सुरक्षा स्थिति और भी जटिल हो गई।

हिजबुल्लाह के उदय ने लेबनान के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित किया है। समूह ने अपने समर्थन के लिए ईरान पर निर्भरता को कम करने और लेबनान के भीतर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश की है। हालांकि, यह प्रयास लेबनान की राजनीतिक स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है।

इसके अलावा, हिजबुल्लाह के उदय ने लेबनान के संबंधों को इज़राइल के साथ भी प्रभावित किया है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और हिजबुल्लाह के हमलों ने संघर्ष को बढ़ावा दिया है। इससे लेबनान की सुरक्षा स्थिति और भी जटिल हो गई है। हिजबुल्लाह के उदय ने लेबनान के लिए कई चुनौतियाँ पेश की हैं। इससे लेबनान की सुरक्षा स्थिति, राजनीतिक परिदृश्य, और इज़राइल के साथ संबंध प्रभावित हुए हैं।

Get notified whenever we post something new!

Continue reading

Sydney Test में जीत के साथ Border–Gavaskar Trophy की चैंपियन बनी Australia, WTC के फाइनल में पहुंचने की India की उम्मीद हुई खत्म

नई दिल्ली : Sydney Test में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने Border–Gavaskar Trophy अपने नाम कर ली है, साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया...

CAG रिपोर्ट से खुली केजरीवाल के ‘शीशमहल’ की पोल, चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका

नई दिल्ली : दिल्ली में चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के घर का मुद्दा गर्माया हुआ है और ये मुद्दा अब CAG रिपोर्ट सामने आने के बाद और अधिक गरमा सकता है। मीडिया...

Noida : रात भर रुक-रुक कर हुई बारिश से लुढ़का पारा, बढ़ी ठंड

नोएडा : दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ तेज सर्द हवाओं ने नोएडा (Noida) और ग्रेटर नोएडा में ठंड बढ़ा दी है। यहां चल रही शीतलहर लोगों को कंपकंपा रही है। रही सही कसर सोमवार से दिनभर रुक-रुककर हो रही...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.