WDFC Trial Run Success: जेएनपीटी-वैतरणा खंड पर सफल ट्रायल रन, मालगाड़ियों की रफ्तार को मिलेगी नई ताकत
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
देश के लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि सामने आई है। पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के जेएनपीटी–न्यू सफाले (वैतरणा) सेक्शन पर मालगाड़ियों का सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया गया है।
यह ट्रायल रन देश के सबसे महत्वपूर्ण माल परिवहन गलियारों में से एक के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे भविष्य में मालगाड़ियों के संचालन को नई गति और दक्षता मिलने की उम्मीद है।
यह परीक्षण Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited (DFCCIL) की देखरेख में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कॉरिडोर की तकनीकी और परिचालन क्षमता का मूल्यांकन करना था।
ट्रायल के दौरान एक साथ दोनों दिशाओं में कंटेनर ट्रेनों का संचालन किया गया, जिसमें डाउन दिशा में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव और अप दिशा में डीजल लोकोमोटिव का उपयोग किया गया। इस दोहरी परिचालन प्रणाली ने कॉरिडोर की मजबूती और तकनीकी संतुलन को साबित किया।
इस परीक्षण में पटरियों की स्थिरता, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम, सिग्नलिंग समन्वय, रोलिंग स्टॉक प्रदर्शन और भारी लोड पर ट्रैक की क्षमता जैसे महत्वपूर्ण मानकों की जांच की गई, जिसमें सभी परिणाम संतोषजनक पाए गए।
अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने के बाद मालगाड़ियों के ट्रांजिट समय में लगभग चार घंटे तक की कमी आएगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और माल ढुलाई क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
इसके साथ ही क्रू प्रबंधन को भी अधिक कुशल बनाया जाएगा, जिससे परिचालन व्यवस्था सरल और तेज होगी। यह परियोजना देश में औद्योगिक और व्यापारिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुंबई और जेएनपीटी क्षेत्र को जोड़ने वाला यह खंड आने वाले समय में देश की माल ढुलाई व्यवस्था का एक प्रमुख आधार बनेगा और आयात-निर्यात गतिविधियों को भी गति देगा।


