Delhi: बीजेपी विधायक अभय वर्मा से जुड़े लोगों पर जिम मालिक पर जानलेवा हमले का आरोप, पीड़िता ने पुलिस पर लगाया अनदेखी का आरोप
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के विधायक अभय वर्मा से जुड़े कुछ लोगों ने उसके पति पर जिम में घुसकर जानलेवा हमला किया। पीड़िता के अनुसार, राम अवतार, अंकित गुर्जर, जितेंद्र सिंह और 4–5 अन्य लोग हथियारों के साथ जिम पहुंचे और उसके पति को जान से मारने की नीयत से हमला किया। पीड़िता का कहना है कि हमलावरों के पास चाकू, लोहे की रॉड, लकड़ी के डंडे और बैग में अन्य हथियार थे। हमले के दौरान उसके पति की कमर में चाकू मारा गया जो करीब दो सेंटीमीटर अंदर तक चला गया, लोहे की रॉड और डंडों से हाथ की हड्डी तोड़ दी गई और सिर पर गंभीर वार किए गए, जिससे सिर में सूजन, चक्कर और अंदरूनी चोटें आई हैं।
पीड़िता का आरोप है कि हमलावरों में से कुछ लोग पुलिस जैसी वर्दी में थे, जिनमें विंटर कैप, जैकेट और खाकी पैंट शामिल थी, चेहरे पर मास्क लगा हुआ था। हाथापाई के दौरान दो लोगों के मास्क उतर गए, जिनके चेहरे वीडियो रिकॉर्डिंग में साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़िता का दावा है कि इस पूरी घटना के वीडियो सबूत उनके पास मौजूद हैं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की ओर से उन्हें लगातार अनदेखी का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, डीसीपी, एसएचओ और जांच अधिकारी से वे पिछले एक महीने से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का कहना है कि 28 जून 2025 को राम अवतार ने उसके साथ छेड़छाड़ की और पति व बच्चे को जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद 112 पर कॉल कर थाने बुलाया गया, लेकिन वहां भी घंटों बैठाए रखने के बाद आरोपी को कथित तौर पर छोड़ दिया गया।
पीड़िता के मुताबिक, एफआईआर दर्ज न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और 12 दिसंबर 2025 को कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश मिले। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 की रात करीब 10 बजे उनके पति पर जिम में हमला किया गया। आरोप है कि हमलावर जाते समय धमकी देकर गए कि कोर्ट केस वापस नहीं लिया तो इससे भी बड़ा अंजाम भुगतना पड़ेगा।
पीड़िता का यह भी कहना है कि उनके पति से जिम चलाने के नाम पर कई बार पैसे वसूले गए, कभी 70 हजार, कभी एक लाख और बाद में तीन से पांच लाख रुपये की मांग की गई। साथ ही एमसीडी, एसडीएम और अन्य विभागों में शिकायतें कर उनके व्यवसाय को लगातार परेशान किया गया, जिससे उन्हें जिम शिफ्ट करने तक की नौबत आ गई।
पीड़िता ने सवाल उठाया है कि क्या राजधानी दिल्ली में आम नागरिक सुरक्षित है और क्या यह जंगल राज की स्थिति नहीं है। उन्होंने अपने पति, बच्चे और पूरे परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


