LPG Black Marketing Delhi: मंगोलपुरी और जहांगीरपुरी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का बड़ा भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राजधानी में चल रहे एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी के दो बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगोलपुरी और जहांगीरपुरी इलाके में चल रहे इस अवैध कारोबार के खिलाफ की गई छापेमारी में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गैस सिलेंडर, वाहन और उपकरण बरामद किए हैं।
क्राइम ब्रांच (NR-1) की टीम को मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी गैस एजेंसियों से सिलेंडर लेने के बाद उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने की बजाय अवैध रूप से जमा कर रहे थे और बाद में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। यह पूरी गतिविधि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए की जा रही थी, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

मंगोलपुरी इलाके में पंकज गैस एजेंसी के पास छापेमारी के दौरान पुलिस ने संतोष, सचिन कुमार और प्रमोद पाल को मौके पर ही अवैध रूप से सिलेंडर भरते और जमा करते हुए गिरफ्तार किया। यहां से कुल 73 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। इसके अलावा सिलेंडर ढोने में इस्तेमाल हो रहे तीन वाहन, रिफिलिंग उपकरण और डिजिटल वजन मशीन भी जब्त की गई।
इसी क्रम में जहांगीरपुरी इलाके में भी क्राइम ब्रांच की दूसरी टीम ने कार्रवाई करते हुए महेश पाल और किशन यादव को गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी एक दुकान में अवैध रूप से गैस सिलेंडर जमा कर उन्हें जरूरतमंद लोगों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। पुलिस ने यहां से भी बड़ी मात्रा में सिलेंडर बरामद किए।
पूरी कार्रवाई में कुल 104 एलपीजी सिलेंडर, चार वाहन, दो रिफिलिंग मशीन, तीन डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन, पाइप, रेगुलेटर और नोजल जैसे उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी सामान अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गैस एजेंसियों से सिलेंडर लेने के बाद उन्हें सीधे ग्राहकों तक नहीं पहुंचाते थे, बल्कि उन्हें छिपाकर रखते थे और बाद में अवैध तरीके से गैस ट्रांसफर कर ज्यादा कीमत पर बेचते थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए वे मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
पुलिस ने इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 और बीएनएस की धारा 125(3) के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं और आगे की जांच जारी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हुई है।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर आम लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े अवैध कारोबार पर रोक लगी है, बल्कि घनी आबादी वाले इलाकों में संभावित हादसों को भी टाल दिया गया है।



