Delhi Crime: मनोरंजन बैंक ऑफ इंडिया के नकली नोटों से 40 लाख की ठगी: साउथ दिल्ली पुलिस ने 1.25 करोड़ के जाली नोट बरामद कर चार ठगों को दबोचा
रिपोर्ट, हेमंत कुमार।
दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने एक चौंकाने वाला ठगी रैकेट पकड़ा है, जो नकली नोटों के दम पर आम लोगों को करोड़ों की चपत लगा रहा था। गिरफ्तार किए गए चार आरोपी “मनोरंजन बैंक ऑफ इंडिया” के नकली नोटों का इस्तेमाल कर लोगों को असली नोटों का झांसा देकर लूटते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.25 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट, 7.5 लाख रुपये नकद, 4.5 लाख रुपये बैंक खाते में फ्रीज, एक नोट गिनने की मशीन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल (24), प्रिंस पाल (20), परवेज (43) और असगर (39) के रूप में हुई है। ये आरोपी उत्तर प्रदेश और मुंबई के रहने वाले हैं और दिल्ली में किराए के फ्लैट में रहकर लोगों को निशाना बना रहे थे।
डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि सी.आर. पार्क थाने में 6 जुलाई को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसे 40 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसे का इंतजाम कर रहा था। इसी दौरान 4 जुलाई को कुछ लोगों से उसकी मुलाकात चित्तरंजन पार्क इलाके में हुई, जिन्होंने उससे कहा कि वे बैंक में जमा रकम को कैश में बदल सकते हैं।
लालच में आए व्यक्ति को आरोपियों ने पहले असली नोटों का बंडल दिखाया और नोट गिनने की मशीन से गिनती करवाकर विश्वास दिलाया। इसके बाद उसने 40 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। लेकिन बदले में जो बैग उसे दिया गया, उसमें मनोरंजन बैंक ऑफ इंडिया के नकली नोट भरे थे, जो सिर्फ दिखावे के लिए होते हैं और बाजार में चलन योग्य नहीं हैं। मामला समझते ही पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने तुरंत इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र के नेतृत्व में एक टीम गठित की, जिसने सीसीटीवी फुटेज, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और व्हाट्सएप कॉल्स का विश्लेषण कर 9 जुलाई को सैदुलाजब इलाके में छापा मारा और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अगले दिन असगर खान को भी धर दबोचा गया।
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह बड़े सुनियोजित तरीके से काम करता था। पहले असली नोटों से भरोसा जीतता, फिर गुप्त कमरे में तैयार नकली नोटों से भरा बैग ग्राहक को सौंप देता। ये लोग खुद को बैंक अधिकारी, एजेंट या कैश एक्सचेंज करने वाला बताते थे। दिलचस्प बात यह है कि यह ठगी का तरीका उन्हें बिहार के एक व्यक्ति नसीम ने सिखाया था, जो अभी फरार है और जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कई बार इस तरह की ठगी कर चुका है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य संलिप्त लोगों और सरगनाओं की भी तलाश कर रही है।


