Infra Medi 2.0 Summit: स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पर मंथन, ‘विजन 2047’ को मिला नया बल
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
नई दिल्ली: राजधानी के Le Méridien New Delhi में आयोजित इन्फ्रा मेडि 2.0 संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी शो का सफल समापन हुआ, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र, अनुसंधान, नीति निर्माण और उद्योग से जुड़े देश-विदेश के प्रमुख विशेषज्ञों और हितधारकों ने भाग लिया। इस आयोजन ने भारत के स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संवाद और सहयोग का मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में Lumbaram Choudhary उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रभावी नीति निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इन क्षेत्रों में निरंतर निवेश और नवाचार की जरूरत है।
संगोष्ठी में Indian Council of Medical Research से जुड़ीं वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। Dr. Sanghamitra Pati, Dr. Mona Duggal और Dr. Rajni Kant ने डिजिटल हेल्थ, रिसर्च इंटीग्रेशन और नीति समन्वय के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे डेटा साइंस और टेक्नोलॉजी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बना सकती हैं।
इस आयोजन में ICMR ने गोल्ड स्पॉन्सर के रूप में अहम भूमिका निभाई, जबकि FSSAI, CCRS और ICAR की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। इन संस्थाओं ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए।
सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए Lady Circle GMCLC160 और Karah Foundation ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे कार्यक्रम में सामुदायिक जागरूकता का आयाम भी जुड़ा।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Harsh Vardhan मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में स्वास्थ्य क्षेत्र में सशक्त नेतृत्व, दूरदर्शी नीतियों और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इवेंट के विजुअल और अनुभवात्मक प्रस्तुतीकरण में Meetu Paul का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने आयोजन को प्रभावशाली और आकर्षक बनाने में अहम भूमिका निभाई।
“विजन 2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप, इन्फ्रा मेडि 2.0 ने एक समावेशी, सशक्त और भविष्य-उन्मुख स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण पर जोर दिया, जो नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और सहयोगात्मक साझेदारी पर आधारित हो। इस दौरान इन्फ्रा मेडि 3.0 के अगले संस्करण की घोषणा भी की गई, जिससे इस संवाद और सहभागिता को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का समापन “विजन 2047” के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिसमें सभी हितधारकों ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।



